बिहार RTPS नए नियम 2026: जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए अब ये दस्तावेज हैं जरूरी।
बिहार RTPS नए नियम 2026: जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र में हुए बड़े बदलाव - पूरी जानकारी
बिहार सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों के लिए जाति (Caste), आय (Income), और निवास (Residential) प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और सख्त बना दिया गया है। हाल ही में RTPS (Right to Public Services) पोर्टल पर कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी और दस्तावेजी बदलाव (Updates) किए गए हैं।
यदि आप इन बदलावों को बिना समझे आवेदन करते हैं, तो आपका आवेदन रिजेक्ट (Reject) हो सकता है। Sikhane Yogya Academy के इस विशेष ब्लॉग में हम इन सभी नए नियमों को विस्तार से समझेंगे।
1. निवास (आवासीय) प्रमाणपत्र: अब वंशावली और जमीन के साक्ष्य अनिवार्य
अब निवास प्रमाणपत्र केवल वर्तमान पते के आधार पर नहीं बनेगा। सरकार ने "आवास के साक्ष्य हेतु अभिलेख" का एक नया सेक्शन अनिवार्य कर दिया है। इसमें आपको अपने माता-पिता या पूर्वजों के नाम वाले निम्नलिखित दस्तावेजों में से एक चुनना होगा:
राजस्व अभिलेख - खतियान: यदि आपके दादा-परदादा के नाम से जमीन का खतियान है, तो उसे अपलोड करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
राजस्व अभिलेख - दानपत्र: यदि जमीन दान में मिली है, तो उसके दस्तावेज मान्य होंगे।
बिजली बिल (विद्युत विपत्र): यदि जमीन के कागजात नहीं हैं, तो पुराने बिजली बिल को साक्ष्य माना जा सकता है।
अन्य विकल्प: राशन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र (Voter ID), या टेलीफोन बिल (दूरभाष विपत्र) का उपयोग भी किया जा सकता है।
2. जाति प्रमाणपत्र: पूर्वजों के रिकॉर्ड और स्थल निरीक्षण
जाति प्रमाणपत्र के लिए अब यह साबित करना होगा कि आपकी जाति की जड़ें उसी क्षेत्र से जुड़ी हैं। इसके लिए पोर्टल पर "जाति प्रमाणपत्र के साक्ष्य हेतु अभिलेख" का विकल्प दिया गया है:
पिता/पूर्वज का साक्ष्य: आवेदन में स्पष्ट उल्लेख है कि साक्ष्य आवेदक के माता-पिता या पूर्वज के नाम पर होना चाहिए। इसमें मुख्य रूप से खतियान या भूमि संबंधी अन्य दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
भूमिहीनों के लिए राहत: यदि आपके पास जमीन नहीं है, तो "भूमिहीनों को आवंटित जमीन से संबंधित अभिलेख" का विकल्प चुनें।
स्थल निरीक्षण हेतु आग्रह: यदि आपके पास कोई भी पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो आप इस नए विकल्प को चुन सकते हैं। इसके बाद संबंधित राजस्व कर्मचारी आपके पते पर आकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेगा।
3. आय प्रमाणपत्र: आय के स्रोतों का पृथक विवरण
अब आय प्रमाणपत्र के लिए केवल कुल राशि भरना पर्याप्त नहीं है। पोर्टल पर अब आय के विभिन्न स्रोतों को अलग-अलग दर्शाना अनिवार्य है:
आय के स्रोत: आपको सरकारी सेवा, कृषि, व्यवसाय और अन्य स्रोतों से होने वाली वार्षिक आय का ब्योरा देना होगा।
आवश्यक दस्तावेज: वेतन/पेंशन पर्ची या आयकर रिटर्न (ITR) को साक्ष्य के तौर पर लगाया जा सकता है।
4. स्व-घोषणा (Self Declaration) और कानूनी चेतावनी
सभी आवेदनों के अंत में एक विस्तृत स्व-घोषणा पत्र दिया गया है, जिसे स्वीकार (Agree) करना अनिवार्य है। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि:
गलत जानकारी देने पर प्रमाणपत्र तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
गलत प्रमाणपत्र के आधार पर प्राप्त शैक्षणिक प्रवेश या सरकारी नियुक्ति (Job) रद्द कर दी जाएगी।
आवेदक के विरुद्ध विधि एवं नियमों के अधीन दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
