राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती - Chhatrapati Shahu Ji Maharaj

 राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती

सिंहासन की शान, गरीबों का मान, शिक्षा के पुरोधा और समाज सुधार के अग्रदूत—राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर शत-शत नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।



एक महान समाज सुधारक, न्यायप्रिय शासक और शिक्षा क्रांति के नायक की जीवन यात्रा को याद करते हैं। 26 जून 1874 को कोल्हापुर जिले के कागल में जन्मे यशवंतराव (शाहू महाराज) ने अपने 28 वर्षों के शासनकाल में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के नए आदर्श स्थापित किए।


शाहू महाराज ने समाज को नया रूप देने के लिए अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए:


शिक्षा क्रांतिः प्राथमिक शिक्षा को निःशुल्क और अनिवार्य बनाया, महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया।


आरक्षण के जनकः 1902 में पिछड़े वर्गों के लिए 50% आरक्षण लागू किया- भारत में यह पहली आरक्षण व्यवस्था थी।


विधवा पुनर्विवाह कानून (1917): विधवाओं को पुनर्विवाह का कानूनी अधिकार दिया।


'जातिगत भेदभाव खत्म करनाः छुआछूत को समाप्त करने के लिए सवर्ण-अस्पृश्यों के लिए अलग-अलग स्कूल बंद करवाए।